Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full !!top!! Jun 2026

प्रगट नाम पुंडरीक जिसका, महिमा महांत।

चैत्री पूनम के दिन, उसका अधिक मान।"

मैं सब सिद्धों, महाबलवान्, लोक के प्रकाशक, दिव्य चक्र और उत्तम आसन वाले जिनेंद्र भगवान का वंदन करना चाहता हूँ। palitana 5 chaityavandan in hindi full

पर्वत के ऊपर मुख्य परिसर में प्रवेश करते समय शांतिनाथ भगवान के मंदिर में यह चैत्यवंदन किया जाता है。 स्थान:

पुंडरीक मंडन पाय प्रणमी जे, आदीश्वर जिणचंदाजी,नेम विणा त्रेवीश तीर्थंकर, गिरि चढिया आनंदीजी।आगम माहे पुंडरीक महिमा, भाख्यो ज्ञान दिणंदाजी,चैत्री पूनम दिन देवी चक्केसरी, सौभाग्य द्यो सुखंदाजी। लोक के प्रकाशक

प्रत्येक चैत्यवंदन के पाठ के बाद नवकार मंत्र का गिनकर काउसग्ग (ध्यान) अवश्य करें। निष्कर्ष

जैन धर्म में तीर्थंकरों की आराधना और मोक्ष की प्राप्ति के लिए तीर्थयात्रा का विशेष महत्व है। भारत के गुजरात राज्य में स्थित श्री शत्रुञ्जय तीर्थ (पालिताना) जैन धर्म का सबसे प्राचीन और प्रमुख तीर्थक्षेत्र माना जाता है। यह पहाड़ी तीर्थों में सर्वोपरि है। पालिताना की यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है— 'पांच चैत्यवंदन' । भाख्यो ज्ञान दिणंदाजी

"इस गिरि ऊपर आदिदेव, प्रभु प्रतिमा वंदो;

1. प्रथम चैत्यवंदन: जय तलेटी (Jay Taleti Chaityavandan)